हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के संवाददाता के अनुसार, क़ुम के गवर्नर अकबर बेहनामजू ने 29 जून की शाम क़ुम गवर्नर कार्यालय के इमाम जवाद (अ) सभागार में आयोजित बैठक और पत्रकारों से बातचीत में अंतिम संस्कार समारोह की तैयारियों की जानकारी देते हुए कहा कि लगभग दो महीने पहले ही क़ुम में शहीद नेता के अंतिम संस्कार और उनके पार्थिव शरीर पर नमाज़-ए-जनाज़ा की व्यवस्था के लिए समिति गठित कर दी गई थी और उसने अपना कार्य शुरू कर दिया था।
उन्होंने कहा कि शहीद नेता का अंतिम संस्कार पूरी तरह जनसहभागिता वाला कार्यक्रम है और सरकारी संस्थाओं की ज़िम्मेदारी केवल आवश्यक आधारभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य से सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएँ, मौकिबों को सहयोग, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की व्यवस्था की गई है। जैसे-जैसे समारोह का समय निकट आ रहा है, समिति की गतिविधियाँ चौबीसों घंटे जारी हैं, ताकि क़ुम के नागरिकों, विभिन्न प्रांतों से आने वाले ज़ायरीन तथा विदेशी मेहमानों के लिए उपयुक्त व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
प्रारंभिक योजना के अनुसार शहीद नेता के पार्थिव शरीर पर नमाज़ पैग़म्बर-ए-आज़म (स) मार्ग से लेकर मस्जिद-ए-मुक़द्दस जमकरान तक अदा की जाएगी। हालांकि अंतिम कार्यक्रम की पुष्टि होने के बाद विस्तृत जानकारी जारी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि शव यात्रा प्रातः 5 बजे शुरू करने की योजना बनाई गई है, ताकि अधिकांश कार्यक्रम तेज़ गर्मी शुरू होने से पहले पूरा हो सके।
ज़ायरीन के ठहरने की व्यवस्था के संबंध में उन्होंने बताया कि लगभग 10 लाख लोगों के ठहरने की क्षमता विभिन्न आवासीय केंद्रों, स्कूलों, विश्वविद्यालयों, खेल परिसरों, सरकारी भवनों तथा औक़ाफ़ विभाग से संबद्ध परिसरों में उपलब्ध कराई गई है। क़ुम के लोगों ने भी मेहमाननवाज़ी के लिए अभूतपूर्व उत्साह दिखाया है। अनेक नागरिकों ने अपने घर अज़ादारों और ज़ायरीन के लिए उपलब्ध कराने की घोषणा की है। यह मेहमाननवाज़ी की परंपरा पहले भी नीमा-ए-शाबान जैसे अवसरों पर देखी गई थी और इस वर्ष भी लोग अपने रिश्तेदारों के साथ-साथ अन्य ज़ायरीन की मेज़बानी के लिए तैयार हैं।
अकबर बेहनामजू ने बताया कि पूरे शहर में लगभग 1,700 मौकिब सेवा देने के लिए तैयार हैं। ये मौकिब सांस्कृतिक गतिविधियों और भोजन-पानी सहित विभिन्न प्रकार की सेवाएँ प्रदान करेंगे।
उन्होंने विदेशी मेहमानों का उल्लेख करते हुए कहा कि जामेअतुल मुस्तफ़ा की उपस्थिति के कारण बड़ी संख्या में विदेशी छात्र, धार्मिक विद्यार्थी और उनके परिवार भी इस समारोह में शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त विशेष विदेशी मेहमानों के स्वागत और व्यवस्था के लिए भी अलग से योजना बनाई गई है।
गवर्नर ने बताया कि "बदरक़ा-ए-रहबर-ए-शहीद-ए-ईरान दर क़ुम" नामक एक ऑनलाइन प्रणाली भी शुरू की गई है, जिसके माध्यम से ज़ायरीन ठहरने तथा चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पंजीकरण कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त समारोह मार्ग पर 60 से 70 सेवा दल तैनात किए जाएंगे, जो विभिन्न सेवाएँ प्रदान करेंगे और बिछड़े हुए लोगों को उनके परिजनों से मिलाने में सहायता करेंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि विभिन्न प्रांतों के प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया गया है, ताकि वहाँ उपलब्ध आवासीय सुविधाओं का भी आवश्यकता अनुसार उपयोग किया जा सके।
साथ ही हज़रत अली इब्न अबी तालिब (अ) स्पाह के कमांडर ने देशभर के स्पाह इकाइयों को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि ज़ायरीन को क़ुम भेजने की व्यवस्था अरबईन कारवाँ की तर्ज़ पर की जाए, ताकि अधिकतर लोग बसों से आएँ और निजी वाहनों के कारण होने वाले यातायात जाम से बचा जा सके।
उल्लेखनीय है कि शहीद इस्लामी क्रांति के नेता के अंतिम संस्कार समारोह के सफल आयोजन के लिए विभिन्न कार्यसमूहों के प्रभारी अधिकारियों ने अपनी-अपनी ओर से आवश्यक तैयारियाँ और व्यवस्थाएँ पूरी कर ली हैं।
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